Thursday, December 4, 2014

साहू जी के नुस्‍खे 3 : मधुमेह का रामबाण इलाज

साहू जी के नुस्‍खे 3 : मधुमेह का रामबाण इलाज


पूर्वरंग: आज रायपुर के साहू जी (डॉ. आर.के. साहू) से मुलाकात हुई। दुनिया और समाज की दृष्टि से देखें तो उनकी गिनती बड़े आदमियों में होती है, लेकिन आज भी उतने ही सरल और सहज हैं। लोगों की सेवा और मदद के लिए सदैव तत्‍पर। बात बात में पता चला कि उनके पास औषधीय विद्या भी है। सो क्‍यों न उनका फायदा उठाया जाए: 

1.  जामुन के पेड़ पर आठ-दस वर्षों से चढ़ी गिलोय का अर्क मधुमेह को नियंत्रित करने में बहुत मददगार होता है। इस पर चढ़ी गिलोय प्रात: खाली पेट चबाकर रस चूसें या इसका काढ़ा बनाकर पीएं। एक घंटे तक अन्‍य कुछ खाना-पीना मना है। 

काढा या अर्क बनाने की विधि: गिलोय की 8-10 दातूनों (9-10 इंच लंबी डंडी) के छोटे-छोटे टुकड़े कर खलबट्टे में कूटकर 1 लीटर पानी में तब तक उबालें, जब तक वह आधा न हो जाए। इसे छानकर बोतल में भर लें, यही काढ़ा या अर्क कहते हैं (टेक्‍नीकली दोनों में थोड़ा अंतर होता है, लेकिन यहां इसे मोटे तौर पर एक ही समझें)। इसे फ्रिज में रखा जा सकता है। पीने के समय हल्‍का गुनगुना कर लें।

2. जंगली भिंडी की लौंग के साइज के बराबर की जड़ मुंह में रखकर चूसें। इससे ब्‍लड शूगर लेवल तुरंत उतर जाता है। चाहें तो ग्‍लूकोमीटर से चूसने के पहले और बाद में जांच कर ब्‍लड शूगर लेवल की परख कर लें। यह इंसुलिन का विकल्‍प हो सकता है। इसे रोजाना लिया जा सकता है। इसमें खाने-पीने में कोई परहेज नहीं है। सावधानी केवल इतनी रखें कि यदि भूलवश लौंग से बड़ी साइज का टुकड़ा ले लें तो ब्‍लड शूगर बहुत नीचे आ जाता है, इससे शरीर में पसीना आने लगता है, घबराएं नहीं, इसके समायोजन के लिए अतिरिक्त चॉकलेट या मीठी चीज खाना पड़ता है।


विस्‍तृत जानकारी के लिए चाहें तो संपर्क पता है : rksahu56@gmail.com.

3 comments:

dr.mahendrag said...

बहुत उपयोगी जानकारी

कौशलेन्द्र said...

यह जंगली भिण्डी बस्तर में खायी जाने वाली मोटी गूदेदार भिण्डी है या लताकस्तूरी ?

Dr Vivek Goswami said...

Its a very useful information but I just want to know that how many people used this this jungli bhindi and cured. Can I get any reference for this?